बुरहानपुर.. जिला पंचायत के CEO, अपर कलेक्टर विकास 25 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए..

 फरवरी के पहले सप्ताह में 5 रिश्वतखोर पकड़े गए- 
बुराहनपुर। चंद्र ग्रहण की सूतक से शुरू हुए फरवरी माह का पहला सप्ताह तो रिश्वतखोरों पर शनि की साढेसाती की तरह लगता नजर आया है। पिछले 6 दिनों के रिश्वत ट्रैस लिस्ट पर नजर डालें तो बुंदेलखंड से लेकर चंबल तक तथा महाकौशल से लेकर मालवा तक भ्रष्टाचार के रायते में पकोड़े जैसी रिश्वत लपकने वाले अधिकारियों के हाथ  लोकायुक्त के जाल में फसकर लाल हो चुके हैं।
2 फरवरी को सागर में पार्षद पति, इसी दिन शाम को ग्वालियर में खनिज निरीक्षक,  3 फरवरी को दमोह में नजूल के आरआई, 5 फरवरी को नरसिंहपुर में असिस्टेंट फूड ऑफिसर 6 फरवरी को बेगमगंज रायसेन में नायब तहसीलदार के बाद आज 7 फरवरी को बुरहानपुर में अपर कलेक्टर रैंक के एक अधिकारी को लोकायुक्त टीम ने लेते हुए रंगे हाथों पकड़ कर शिकंजा कसा है। 
 25 हजार की रिश्वत लेते हुए सीईओ पकड़ा गया-
 रिश्वतखोरों और लोकायुक्त के बीच जारी तुम डाल डाल मैं पात पात के खेल में बुरहानपुर जिले के अपर कलेक्टर (विकास) और जिला पंचायत सीईओ अमिताभ सिरबैया 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए हैं।  बिरोदा की सरपंच रेखाबाई उमाकांत चौधरी और सचिव उमाकांत वर्मा को हटाने के लिए पूर्व सरपंच धर्मराज महाजन से यह रिश्वत ली गई थी। मामले में 30 जनवरी को पूर्व सरपंच धर्मराज महाजन ने लोकायुक्त इंदौर को शिकायत की थी। जिसके बाद लोकायुक्त द्वारा बिछाए गए जाल में सीईओ महोदय फंसते चले गए।
इनके द्वारा सरपंच सचिव को हटाने के लिए एक लाख रुपए की मांग की गई थी।बिरोदा सरपंच के विरुद्ध मृत व्यक्तियों के नाम पर राशि निकालने का आरोप लगा है। इसी मामले में जिला पंचायत की ओर से धारा 40 का नोटिस दिया गया था। जबकि पूर्व सरपंच धर्मराज महाजन ने एक लाख 80 हजार रुपए के बिल भी बकाया है। यह राशि भी सीईओ ने निकलवाकर देने की बात कही थी। बुधवार को धर्मराज से सीईओ सिरबैया ने अपने कैबिन में रुपए मंगाए थे। धर्मराज जैसे ही अंदर गए उनके पीछे ही लोकायुक्त भी पहुंची। लोकायुक्त को देखकर सीईओ भागने लगे। लोकायुक्त ने उन्हें पकड़ा और कैबिन में वापस ले गए।
लोकायुक्त ने पहले तो सीईओ की फोटो खींचने से मीडिया को रोका लेकिन पत्रकारों ने जब इसे पक्षपातपूर्ण बताया तो लोकायुक्त ने अपर कलेक्टर रिश्वतखोर अपर कलेक्टर की फोटो खींचने से मीडिया को फिर नहीं रोका। इस दौरान कैमरे चमकते देखकर सीईओ हाथ जोड़कर पत्रकारों को रोकते तथा रोते हुए नजर आए। लोकायुक्त इंदौर की टीम ने अपर कलेक्टर विकास के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया है। अटल राजेंद्र जैन की रिपोर्ट 
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सतत पत्रकारिता का 27 वां वर्ष... 1990-2008 ब्यूरो चीफ दैनिक भास्कर भोपाल, 2009-2014 रिपोर्टर साधना न्यूज मप्र-छग, 2011-2015 रिपोर्टर न्यूज एक्सप्रेस, 2012-से ब्यूरो चीफ जनजन जागरण भोपाल, 2013-2016 ब्यूरो चीफ ओम टीवी न्यूज, 2017 से atalnews24.co [महत्वपूर्ण घटनाक्रम-फोटो-वीडियों 9425095990 पर तत्काल वाटसअप करें ]

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