बक्सवाहा.. हमारी भूल कमल का फूल.. ! अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ ने बुलंद किया..

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका ने किया प्रदर्शन- चुनावी साल में प्रदेश सरकार से अपनी बरसों पुरानी मांगों को पूरा कराने के लिए छोटे बड़े संविदा अतिथि कर्मचारी संगठनों के बीच में ज्ञापन प्रदर्शन के जरिए ध्यानाकर्षण कराने की होड़ लगी हुई है। इसी के साथ हमारी भूल कमल का फूल का नारा पहली पसंद बना हुआ है। इस बार यह नारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने बुलंद किया है। बक्सवाहा मैं गुरुवार को हमारी भूल कमल का फूल के नारे लगाकर आंगनवाडी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ द्वारा हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को लेकर रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा गया। इनका कहना था कि प्रदेश सरकार के बजट में उन जैसे अस्थाई कर्मचारियों के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं किया गया है जिससे हर प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ बकस्वाहा ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ब्लॉक मुख्यालय पर विकासखंड की समस्त आंगनबाड़ी की कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने अपनी आधारभूत समस्याओ को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। इस 4 सूत्रीय ज्ञापन में प्रथम मांग नियमितीकरण तथा दूसरी मांग सेवा पुस्तिका बनाई जाना रही। शासन के अन्य कर्मचारियों के समान समान काम समान वेतन एवं समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ मानदेय व प्रोत्साहन राशि से वेतनमान लागू किए जाने हेतु अपनी मांग रखी। दुखद यह कि प्रस्तावित बजट में भी अस्थाई कर्मियों के हितार्थ कोई सुविधा सहायता नहीं दिखी।शासन द्वारा अपनाई जा रही दोषपूर्ण नीति और मनमानी से हम समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को तमाम प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हमारी समस्याओं पर विचार करते हुए शीघ्र समस्याओं का निराकरण किया जाए। बक्सवाहा से  राजेश रागी की रिपोर्ट 
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