मोदी नायडू के रिश्तो में खटास.. टीडीपी के दोनों मंत्रियों का इस्तीफ़ा, शिवसेना भी खफ़ा.. कर्नाटक चुनाव पर पड़ेगा असर..!

http://atalnews24.co
मोदी नायडू के बीच खटास का पड़ेगा दूरगामी असर-  नई दिल्ली । पूर्वांचल फतह के बाद दक्षिण भारत में राजनीतिक विस्तार की ओर कदम बढ़ा रही भारतीय जनता पार्टी के रथ को कर्नाटक के पहले आंध्र प्रदेश में अनायास झटका लगा है। गुरुवार को एनडीए की सहयोगी पार्टी टीडीपी के दोनों मंत्री केंद्र सरकार से इस्तीफा देकर वापस लौट आए हैं। भाजपा टीडीपी के रिश्तो में आई खटास का असर कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के लिए आंध्र प्रदेश से लगे कर्नाटक के विधानसभा क्षेत्रों में दुखदाई साबित हो सकता है।  आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग कर रही टीडीपी के मोदी सरकार से बाहर होने की अटकलें काफी दिनों से लगाई जा रही थी। 2 दिन पूर्व टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू अपने दोनों केंद्रीय मंत्रियों को इस्तीफा देकर वापस बुलाने का ऐलान कर चुके थे इसके बावजूद संभावना जताई जा रही थी कि मामला शिवसेना भाजपा रिश्तो की बीच की दूरियों की तरह है अटका रहेगा। परन्तु टीडीपी के दोनों मंत्री केंद्र सरकार से इस्तीफा देकर दिल्ली से आंध्र प्रदेश रवाना हो गए। विशेष दर्जे की मांग पर अड़े आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू से प्रधानमंत्री मोदी की बात का सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। गुरुवार शाम टीडीपी के दोनों मंत्री अशोक गजपति राजू और वाई एस चौधरी प्रधानमंत्री से मुलाकात करने 7 लोक कल्याण मार्ग पहुंचे। इसके कुछ ही मिनटों बाद दोनों मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। इसके बावजूद टीडीपी फिलहाल nda का हिस्सा बनी रहेगी। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग करते आ रहे मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू केंद्रीय वित्त मंत्री के उपेक्षापूर्ण रवैये से खिन्न चल रहे थे। इस मामले में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भी अवगत करा चुके थे। फिर भी रास्ता नहीं निकलने पर आखिरकार टीडीपी के मंत्रियों ने केंद्र सरकार को बाय बाय कर दिया। जबकि इस मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना था कि जैसी कि नायडू मांग कर रहे हैं, पूर्वोत्तर के राज्यों तथा तीन पर्वतीय राज्यों के अलावा किसी अन्य राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देना 14 वें वित्तीय आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद अब संवैधानिक रूप से संभव नहीं हैं। कर्नाटक चुनाव के पूर्व शिवसेना भी दिखा सकती है आंखें-टीडीपी के केंद्र सरकार से हटने का दूरगामी असर कर्नाटक में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इधर महाराष्ट्र में भाजपा से पहले से नाराज चल रही शिव सेना भी  कर्नाटक विधानसभा चुनाव के पहले केंद्र सरकार से अपने मंत्री वापस बुला कर भाजपा के विजय रथ को एक और झटका देने की कोशिश कर सकती है। शिवसेना के एनडीए से अलग होने की दशा में इसका खामियाजा महाराष्ट्र की सीमा से लगे कर्नाटक के विधान सभा क्षेत्रों में भाजपा को उठाना पड़ सकता है। कुल मिलाकर छोटे छोटे राज्यों में जीत के ओवर कॉन्फिडेंस से उत्साहित भाजपा के रणनीतिकारों ने अपने पुराने सहयोगीयों की अनदेखी उपेक्षा का ऐसे ही सिलसिला जारी रखा तो आगामी चुनाव में सिर्फ दलबदलुओं के भरोसे नैया पार होना मुश्किल है। वैसे भी वित्त मंत्री की कार्यप्रणाली बनाम नीतियों से भाजपा का आधार स्तंभ आने जाने वाला व्यापारी, कर्मचारी तथा शहरी नागरिक वर्ग  फिलहाल  सरकार से जमकर खफा चल रहा है। अटल राजेंद्र जैन की रिपोर्ट
http://atalnews24.co
About Atal R Jain 2172 Articles
सतत पत्रकारिता का 27 वां वर्ष... 1990-2008 ब्यूरो चीफ दैनिक भास्कर भोपाल, 2009-2014 रिपोर्टर साधना न्यूज मप्र-छग, 2011-2015 रिपोर्टर न्यूज एक्सप्रेस, 2012-से ब्यूरो चीफ जनजन जागरण भोपाल, 2013-2016 ब्यूरो चीफ ओम टीवी न्यूज, 2017 से atalnews24.co [महत्वपूर्ण घटनाक्रम-फोटो-वीडियों 9425095990 पर तत्काल वाटसअप करें ]

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.