आचार्यश्री की मौजूदगी में अनुबंध.. जेल में बनेगें एक्सपोर्ट क्वालिटी का कारपेट्‍स, भेजेंगे विदेश..

 आचार्य श्री के समक्ष जेल अधिकारियों का समागम- दमोह।  आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज जी की प्रेरणा से सागर जेल में अनेक बंदियों द्वारा हथकरघा प्रशिक्षण एवं साड़ियों के निर्माण के जरिए आय मुल्क रोजगार का अहिंसक मार्ग अपनाया गया है। आने वाले दिनों में प्रदेश की जेलों में सजा काट रहे बंदियों द्वारा निर्मित सामग्री विदेश भेजी जाएगी तथा अन्य जेलों के बंदियों को भी सागर जेल में हथकरघा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी कड़ी में सागर सेंट्रल जेल के बंदियों द्वारा हथ करघा से साड़ियां  तथा कास्ट का भव्य सिंहासन तैयार करके अपनी कला क्षमता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह सिंहासन जैन अधिकारियों द्वारा बटियागढ़ में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज को भेंट किया गया तथा उनको जैन बंधुओं द्वारा निर्मित की गई साड़ियों के नमूने भी दिखाए गए। हथकरघा के लिए आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के पास मप्र जेल विभाग के डीआईजी श्री गोपाल ताम्रकार, जेल अधीक्षक सागर श्री राकेश भांगरे, जेल अधीक्षक उज्जैन श्रीमती अलका सोनकर, जिला जेल अधीक्षक इंदौर सुश्री अदिति तिवारी, जेल अधीक्षक नरसिंहपुर श्रीमती शेफाली तिवारी, जिला जेल अधीक्षक दमोह श्री राणा की टीम, ब्रह्मचारिणी रेखा दीदी DSP पूर्व एवं डॉ नीलम दीदी शिशु रोग विशेषज्ञ एवं डॉ अमित जैन राजा भैया, श्री मनोज सिलवानी गुड़ वाले, एडीजे श्री अरविंद जैन, पूर्व डीएसपी विनोद श्रीवास्तव, श्रेयांश सेठ एवं कारपेट एक्सपोर्ट व्यापारी ऋषभ jain मिर्जापुर आदि ने बटियागढ़ में आचार्य श्री जी के दर्शन किए। जेल विभाग की टीम ने सर्वप्रथम सागर जेल में बंदियों द्वारा बनाया गया सिंहासन आचार्य श्री जी को भेंट किया। इसके बाद डीआईजी गोपाल ताम्रकार जी ने सागर जेल के बंदियों द्वारा लगातार हाथकरघा से बनाई साड़ियों को दिखाया। उन्होंने बताया कि 1 मई से सागर जेल में ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल, इंदौर जेल से भेजे जा रहे पांच पांच कैदियों को जो कि सागर जेल में रेखा दीदी DSP द्वारा हथकरघा में प्रशिक्षित किए जाएंगे। यह प्रशिक्षण 3 माह के लिए रहेगा जानकारी दी। मिर्जापुर से आए हुए कारपेट एक्सपोर्ट व्यापारी श्री ऋषभ जैन जी ने आचार्य श्री जी को शुद्ध अहिंसक कारपेट्‍स, कालीन, दरी दिखलाएं और उन्होंने मध्य प्रदेश जेल की 13 सेंट्रल जेलों में बंदियों को सिखाने के लिए रॉ मटेरियल और उपकरण दान में देने की बात कही। जेल विभाग के अधिकारियों और रेखा दीदी द्वारा आश्वासन दिया कि 6 माह के अंदर बंदियों को दरी, कालीन शटल लूम, जाकार्ड लूम के द्वारा बनाना सिखाया जाएगा। और एक्सपोर्ट क्वालिटी का बनाना जब बंदी सीख जाएंगे तो सारा माल ऋषभ जैन जी के द्वारा विदेशों में एक्सपोर्ट किया जाएगा इस प्रकार का अनुबंध आचार्य जी के सामने हुआ जेल विभाग द्वारा किया गया। आगामी समय में सागर जेल एवं अन्य केंद्रीय जेलो में 108 हाथकरघा लगने और इन हथकरघा के लिए टीन शेड लगाने का प्रावधान किया गया है। बंदियों के लिए गर्मी के दिनों में ठंडे पानी हेतु वाटर कूलर का निवेदन किया। जो तत्काल 15 दान दाता द्वारा वाटर कूलर देने की घोषणा की। आचार्य श्री जी ने सभी अधिकारियों को संबोधन करते हुए बताया कि हाथकरघा में और कालीन दरी के व्यवसाय में क्वालिटी मेंटेन करना है। ताकि विदेशों तक माल जा सके। जेल अधिकारियों को बहुत गंभीरता के साथ गुरुजी ने करीब 3 घंटे का समय दिया। जेल के काम में लगी हुई टीम डॉ रेखा जैन DSP पूर्व, डॉ नीलम दीदी, डॉ अमित राजा भैया, मनोज सिलवानी गुड वाले, एडीजे अरविंद कुमार, सीए अखिल जैन, राजेश decent graphics इंदौर को बहुत-बहुत आशीर्वाद दिया। गुरुदेव का आहार रेखा दीदी DSP पूर्व डॉक्टर नीलम दीदी मनोज सिलवानी गुड वालों के चौके में हुए।  रेखा दीदी के साथ अटल राजेंद्र जैन की रिपोर्ट
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