प्रसिद्ध शायर नैयर दमोही को मप्र उर्दू अकादमी के “निदा फाज़ली” सम्मान से नवाजा गया..

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नैयर दमोही को मप्र का" निदा फाजली " सम्मान- भोपाल। देश के जाने-माने ख्याति प्राप्त शायर नैयर दमोही को शनिवार रात मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी का प्रतिष्ठित निदा फाज़ली सम्मान भोपाल के संस्कृति भवन में आयोजित सम्मान समारोह में प्रदान किया गया। यह सम्मान उर्दू अदब की ख़िदमत करने और उर्दू साहित्य को आम जन मानस तक पहुँचाने के लिए सम्मानित किया गया। दमोह और मध्यप्रदेश को उर्दू शायरी से देश और दुनियाँ में पहचान दिलाने वाले प्रसिद्ध शायर नैयर दमोही को सम्मान हासिल होने पर साहित्य जगत में खुशी की लहर है। सभी साहित्य, कला, जगत से जुड़े लोगों ने शुभकामनाये दी है। नैय्यर दमोही की पैदाइश 1 जुलाई 1940 में दमोह शहर में हुई। पूरा नाम नूर मोहम्मद है। शायरी की शुरुआत 1960 से की। ज्यादातर नाते रसूल और गज़लें इसके अलावा गीत ,रुबाई नज़्में, मनकबत लिखी है। बुज़ुर्गाने दीन पर कलाम ज्यादा लिखे है जिसे हिन्दुस्तान का छोटा बड़ा फनकार, क़व्वाल बड़े ही शौक से पढ़ते है। शेरो शायरी की तालीम अपने पिता मरहूम नबी मोहम्मद " आक़िल " से मिली जो अपने ज़माने के उस्ताद शायर थे। नैय्यर साहब ने उर्दू शायरी की दुनिया में अपना अलग मुकाम हासिल किया है। हिन्दुस्तान का कोई भी दिनी जलसा, ऑल इण्डिया मुशायरों की महफिल में बड़े ही अदब से सुना जाता है । नैयर साहब ने उर्दू अदब की खिदमत में अपनी उम्र के 60 साल गुजार दिये, साथ ही एक उस्ताद शायर की है सियत से उर्दू अदब को अपने शहर में कायम रखने के लिए  साहित्यिक  '' अदबी इदारा - ए - सलामी '' संस्था भी चला रहे है। जिसमे नए कलमकारों  के शौकीनों को उर्दू शायरी की तालीम दे तैयार कर उनकी रहनुमाई कर रहे है। आपने  शायरी से मुल्क की अवाम को काफी मुतास्सिर प्रभावित किया है सन 1982 में नैय्यर साहब को पडोसी मुल्क पाकिस्तान में आयोजित  ''आलमी नात कॉन्फ्रेंस 'में हिस्सा लेकर  22 देशों के शायरों में  नैय्यर साहब को सेकेंड प्राइज़ से नवाज़ा गया। तत्कालीन प्रधान मंत्री श्रीमती इंद्रा गाँधी ने नैय्यर साहब को पत्र लिखकर मुबारकबाद देते हुए उनकी हौसला अफ़जाही  की थी। राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय चों पर नैय्यर दमोही साहब को इनामों इकराम से भी नवाजा गया है। 15 अप्रैल 2006 को रायपुर छ्त्तीसगढ  में '' मुहफीजे उर्दू अवॉर्ड '' से नवाजा गया। नैय्यर  साहब के अब तक {7-मजमूअऐ कलाम } मंजरे आम पर आ चुके है , जिनमे एक ग़ज़ल संग्रह  ' शुआ - ए - नैय्यर  '' मप्र उर्दू अकेडमी ने प्रकाशित किया। बाकी नात और मनकबत और गज़लों की किताबे भी प्रकाशित हो चुकी है। इम्तियाज चिश्ती की रिपोर्ट
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सतत पत्रकारिता का 27 वां वर्ष... 1990-2008 ब्यूरो चीफ दैनिक भास्कर भोपाल, 2009-2014 रिपोर्टर साधना न्यूज मप्र-छग, 2011-2015 रिपोर्टर न्यूज एक्सप्रेस, 2012-से ब्यूरो चीफ जनजन जागरण भोपाल, 2013-2016 ब्यूरो चीफ ओम टीवी न्यूज, 2017 से atalnews24.co [महत्वपूर्ण घटनाक्रम-फोटो-वीडियों 9425095990 पर तत्काल वाटसअप करें ]

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