भय्यूजी महाराज की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाव.. पंचतत्वों में विलीन, नम आंखों से दी महाराज को अंतिम विदाई..

http://atalnews24.co
भय्यूजी महाराज के अंतिम दर्शनों हेतु लगा रहा तांता-
इंदौर। मॉडलिंग से आध्यात्मिक गुरु बन कर लाखों दिलों पर राज करने वाले देश के अनेक नेताओं के प्रिय भय्यूजी महाराज के अंतिम दर्शनों के लिए इंदौर के सूर्योदय आश्रम में लोगों का तांता लगा रहा। बुध वार को दोपहर ढाई बजे करीब उनकी अंतिम यात्रा प्रारंभ हुई। जिसमें आकुल व्याकुल परिजनोंं के साथ हजारों की संख्या में उनके अनुयायियों की मौजूदगी रही।
भय्यूजी महाराज की मृत्युु के 24 घंटेेे बाद भी उनके अनुयायियों के चेहरों पर परिजनों की तरह है दर्द झलकता नजर आ रहा था। दुखी मन से उनकी यात्रा में चल रहे लोगों के दिलो-दिमाग में कहीं ना कहीं यह प्रश्न बार-बार उठ रहा था कि आखिर उन्होंने अपनी प्रिय बेटी, पत्नी और मां को की बजाए अपने सेवादार को वसीयत का बारिश क्यों बनाया ? उल्लेखनीय है  कि पारिवारिक तनाव के चलते अपनी रिवाल्वर से अपनी जीवन लीला समाप्त करने वाले भय्यूजी महाराज द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट में पारिवारिक कलह का तनाव झलकता नजर आता है। पुलिस द्वारा बरामद किए गए सुसाइड नोट के दूसरे पेज पर उल्लेख किया गया है कि उनकी संपत्ति की देखरेख की जिम्मेदारी विश्वस्थ सेवक और निजी सचिव विनायक करेंगे। आश्रम के संचालन की जिम्मेदारी भी वो विनायक को देने का जिक्र किया गया है। सुसाइड नोट के दूसरे पेज पर हालांकि भय्यूजी महाराज के हस्ताक्षर नहीं है। लेकिन राइटिंग उन्ही की बताई जा रही है। लेकिन पुलिस जांच के बाद ही यह तय होगा की पत्र में लिखी गई अंतिम इबारत भय्यूजी महाराज के द्वारा ही मंगलवार को सुसाइड के पहले लिखी गई थी अथवा नहीं। बता दें कि भय्यूजी महाराज के परिवार में पहली पत्नी की बेटी कुहू, दूसरी पत्नी आरुषी शर्मा और उनकी 4 माह की बेटी और भय्यू महाराज की मां है।  लेकिन इसके बावजूद उन्होने अपनी सभी जबाव दारियों को अपने विश्वासपात्र सेवक को क्यो सौंपा ? इसको लेकर आगे भी सवाल उठेंगे। हो सकता है सुसाइड नोट के दूसरे पेज पर भय्यूजी महाराज के हस्ताक्षर नहीं होने पर भी सवाल उठे। बुधवार दोपहर उनकी अंतिम यात्रा बापट चौराहे स्थित सर्वोदय आश्रम से रवाना हुई। फूलों से सजे वाहन में जैसे ही भय्यू महाराज के पार्थिव देह को रखा गया उनकी पत्नी बिलखते हुए बदहवास हो गईं। बेटी कुहू तो शव वाहन में पिता के पास ही पूरे समय बैठी रही। बेटी कुहू ने पिता को मुखाग्नि देकर बेटे का फर्ज भी अदा करती नजर आई। इस मौके पर भमोरी स्थित श्मशान घाट पर भरे हृदय और नम आंखों किसान के साथ अपने चहेते भय्यूजी महाराज को हजारों न्यू अंतिम विदाई देते नजर आए। विभिन्न दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं, अनुयायियों, अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में आम नागरिकों की मौजूदगी भय्यूजी महाराज की सभी के दिलों में गहरी जगह होने की बात दर्शा रही थी। वही यह बात भी दिल में खटक रही थी कि आखिर तनाव में आकर महाराज ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठा लिया ? इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित उनकी कैबिनेट के सहयोगी की कमी भी लोग महसूस करते नजर आए। क्योंकि महाराज को राज्यमंत्री का दर्जा भी प्राप्त था।
घरेलू पारिवारिक कलह में कभी कोई ऐसा आत्मघाती कदम ना उठाएं। भय्यूजी महाराज को परम पिता परमेश्वर अपनेे चरणों मैं स्थान दें। उनकी आत्मा को शांति मिले। बेटी कुहू उनकी पत्नी एवं मां को गहन दुख को सहन करने की शक्ति मिले। इन्हीं भावनाओंं के ओम शांति शांति शांति.. अटल राजेंद्र जैन की रिपोर्ट
http://atalnews24.co
About Atal R Jain 2303 Articles
सतत पत्रकारिता का 27 वां वर्ष... 1990-2008 ब्यूरो चीफ दैनिक भास्कर भोपाल, 2009-2014 रिपोर्टर साधना न्यूज मप्र-छग, 2011-2015 रिपोर्टर न्यूज एक्सप्रेस, 2012-से ब्यूरो चीफ जनजन जागरण भोपाल, 2013-2016 ब्यूरो चीफ ओम टीवी न्यूज, 2017 से atalnews24.co [महत्वपूर्ण घटनाक्रम-फोटो-वीडियों 9425095990 पर तत्काल वाटसअप करें ]

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.