होली के रंगों का आध्यात्मिक महत्व

March 6, 2017 Atal R Jain 0

होली के रंगों का आध्यात्मिक महत्व-ललित गर्ग होली भारत का एक विशिष्ट सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक त्यौहार है। अध्यात्म का अर्थ है मनुष्य का ईश्वर से संबंधित होना या स्वयं का स्वयं के साथ संबंधित होना है। इसलिए होली मानव का परमात्मा से एवं स्वयं से स्वयं के साक्षात्कार का पर्व है। होली रंगों का त्यौहार है। रंग सिर्फ प्रकृति और चित्रों में ही नहीं हमारी […]

गुलबर्गा,कर्नाटक में 3 जिनालय जीर्णशीर्ण

March 2, 2017 Atal R Jain 0

गुलबर्गा,कर्नाटक में 3 जिनालय अत्यंत ही दयनीय  जय जिनेन्द्र, लगभग २ महीने की कड़ी मेहनत और पिछले १५ दिनों की जी-तोड़ मेहनत से वो प्राप्त हुआ, जो असंभव तो नहीं लेकिन मुश्किल जरूर नज़र आ रहा था । प्रसंग है – कालगी (गुलबर्गा,कर्नाटक के पास स्थित क्षेत्र) का, जहाँ ३ जिनालय अत्यंत ही दयनीय अवस्था में हैं । तीसरे जिनालय के तो अब अवशेष मात्र मिलते […]

मानव को इंसान बनाने का उपक्रम,अणुव्रत

February 28, 2017 Atal R Jain 0

अणुव्रत आन्दोलन- 68वें स्थापना दिवस- 1 मार्च 2017  जीवन यानि संघर्ष, यानि ताकत, यानि मनोबल। मनोबल से ही व्यक्ति स्वयं को बनाए रख सकता है वरना करोड़ों की भीड़ में अलग पहचान नहीं बन सकती। सभी अपनी-अपनी पहचान के लिए दौड़ रहे हैं, चिल्ला रहे हैं। कोई पैसे से, कोई अपनी सुंदरता से, कोई विद्वता से, कोई व्यवहार से अपनी स्वतंत्रा पहचान के लिए प्रयास […]

मारवाड़ी समाज का राष्ट्रोन्नति में महत्वपूर्ण योगदान

February 14, 2017 Atal R Jain 0

दिल्ली मारवाड़ी सम्मेलन का प्रांतीय सम्मेलन-प्रतिभा सम्मान समारोह देश में मारवाड़ी समाज ही एक ऐसा समाज है जो राष्ट्रीय एकता, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं उन्नतिशील राष्ट्र निर्माण में सहभागी रहा है। यह समाज राष्ट्र की आर्थिक उन्नति के साथ समग्र विकास के लिए निरन्तर प्रयासरत रहता है। इसमें मारवाड़ी सम्मेलन जैसी संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। यह उदगार दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के कोषाध्यक्ष श्री विष्णु […]

भावांजलि..तीर्थसेवा में समर्पित अजित पाटनी

February 10, 2017 Atal R Jain 0

जीवन के अंतिम क्षणों तक समर्पित व्यक्तित्व अजित पाटनी ‘‘‘‘जीवन है पानी की बूंद, कब क्या हो जाए रे, जीवन का कोई भरोसा नहीं, मृत्यु शाष्वत सत्य है, न पल का भरोसा है न कल का भरोसा, भूतकाल, भविष्य तो सपना है, वर्तमान ही अपना है । जब तक जीओं प्रसन्नता से जीओं, कब क्या हो जाए, जग में न हमारा कोई था, हम भी […]